लीक हुए प्राइवेट वीडियो और फोटो हटवाएँ — पोर्न साइट, Telegram और Google से
यह पेज उस व्यक्ति के लिए है जिसका प्राइवेट वीडियो या फ़ोटो बिना सहमति के पोर्न साइट, Telegram, Instagram या Google तक पहुँच गया है। IT Rules 2021 के नियम 3(2)(b) के तहत भारतीय क़ानून से बँधे प्लेटफ़ॉर्म को ऐसा कंटेंट आपकी शिकायत के दो घंटे के भीतर हटाना होता है। नीचे हर शिकायत के पूरे कदम हैं; RepuLex अपनी सशुल्क, गोपनीय सेवा के पहले दिन यही कदम उठाता है और हर कॉपी खोजकर उस पर कार्रवाई करता है, व्यक्तियों के लिए रियायती दर पर। 18 साल से कम उम्र के मामले RepuLex नहीं लेता; वे सीधे पुलिस और cybercrime.gov.in को जाते हैं।
किसी भी केस पर बात से पहले NDA। केवल URL भेजें; फ़ाइल कभी न भेजें। अगर दिख रहा व्यक्ति 18 साल से कम उम्र का है, तो हम यह मामला नहीं लेते: पुलिस और cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
पहले घंटे में क्या करें: सबूत सुरक्षित करें, पैसे न दें, उसी दिन शिकायत
सबसे पहले सबूत सुरक्षित करें, क्योंकि सफल शिकायत पोस्ट के साथ सबूत भी हटा देती है। हर पेज का पूरा URL कॉपी करें और ऐसे स्क्रीनशॉट लें जिनमें address bar, अपलोड करने वाले का नाम या handle, और तारीख साफ़ दिखे। Telegram पर चैनल का t.me लिंक और हर पोस्ट का लिंक अलग से सहेजें। शर्मिंदगी में बातचीत डिलीट न करें; वही दिखाती है कि आपने सहमति नहीं दी थी।
फ़ाइल किसी को फ़ॉरवर्ड न करें, RepuLex को भी नहीं; हर शिकायत केवल लिंक और स्क्रीनशॉट पर चलती है। अगर कोई धमकी दे रहा है या पैसे माँग रहा है, तो जवाब न दें और पैसे न दें: पैसे देने से चुप्पी नहीं, अगली माँग आती है।
फिर उसी दिन शिकायतें दर्ज हों: हर प्लेटफ़ॉर्म पर, Google पर, और चाहें तो cybercrime.gov.in या 1930 पर। हटाने के लिए FIR ज़रूरी नहीं; प्लेटफ़ॉर्म पर कार्रवाई पीड़ित की अपनी शिकायत, या उसकी ओर से की गई शिकायत, पर शुरू होती है। देर का नुकसान यह है कि फ़ाइल कुछ ही दिनों में mirror साइटों, file lockers और Telegram चैनलों में फैल जाती है।
- हर पेज का पूरा URL, और तारीख के साथ स्क्रीनशॉट
- अपलोड करने वाले अकाउंट या चैनल का लिंक और नाम
- धमकी, पैसे की माँग और भुगतान के ब्योरे वाले मैसेज
- फ़ाइल किसी को नहीं भेजनी है, RepuLex को भी नहीं
Gandi video delete kaise kare: हर प्लेटफ़ॉर्म पर शिकायत, और दो घंटे का नियम
यह रास्ता अंतरंग कंटेंट के लिए है: ऐसा वीडियो या फ़ोटो जिसमें निजी अंग दिखे, पूरी या आंशिक नग्नता हो, यौन कृत्य हो, या जो इलेक्ट्रॉनिक रूप में आपकी नकल हो, morph की गई तस्वीरों समेत। IT Rules 2021 का नियम 3(2)(b) ऐसे कंटेंट को हटाने के लिए प्लेटफ़ॉर्म को शिकायत मिलने से दो घंटे देता है। यह सीमा G.S.R. 120(E) से आई, जो 10 फ़रवरी 2026 को अधिसूचित हुआ और 20 फ़रवरी 2026 से लागू है; पहले यह सीमा 24 घंटे थी। शिकायत आप खुद कर सकते हैं, या आपकी ओर से कोई और।
अगर वायरल वीडियो अंतरंग नहीं है और आपकी नकल भी नहीं करता, जैसे शर्मिंदा करने वाला या मानहानि वाला क्लिप, तो नियम 3(2)(b) लागू नहीं होता; ऐसी शिकायत नियम 3(2)(a)(i) के तहत सात दिन में निपटती है, और निजता में दखल देने वाले क्लिप पर 36 घंटे में, और उसके लिए वायरल वीडियो वाली गाइड देखें। अदालत के आदेश पर प्लेटफ़ॉर्म को नियम 3(1)(d) के तहत तीन घंटे में कार्रवाई करनी होती है।
Pornhub और Aylo की दूसरी साइटों पर non-consensual content हटाने का अनुरोध दर्ज होता है, हर URL, तारीख वाले स्क्रीनशॉट और इस लिखित बयान के साथ कि वीडियो में आप हैं और आपने प्रकाशन की सहमति नहीं दी। XVideos और XNXX एक ही ऑपरेटर चलाता है; दोनों के content-removal और abuse रास्तों पर यही भेजें। xHamster और छोटी tube साइटों पर पहले report-content रास्ता, फिर ऑपरेटर और होस्ट को नोटिस। बड़ी साइटें सही तरीके से दायर शिकायत पर आम तौर पर 24 से 48 घंटे में कार्रवाई करती हैं।
Telegram पर चैनल के नाम पर टैप करके Report चुनें, और हर पोस्ट को दबाकर रखें और Report करें; कारण में spam नहीं, यौन कंटेंट वाला विकल्प चुनें। फिर abuse@telegram.org पर चैनल और पोस्ट के लिंक भेजें, और लिखें कि कंटेंट अंतरंग है, बिना सहमति के है, और शिकायत नियम 3(2)(b) के तहत है। यही शिकायत उस grievance officer को भी जाए जिसे Telegram भारत के लिए अपने FAQ में दर्ज करता है।
Instagram या Facebook पर पोस्ट के तीन बिंदु वाले मेन्यू से Report चुनें और वह विकल्प लें जो बिना सहमति के साझा की गई निजी तस्वीरों के लिए है, केवल nudity वाला नहीं। उसी दिन Meta के भारत वाले grievance officer को, जिसका पेज Help Centre में है, नियम 3(2)(b) की शिकायत भेजें। YouTube पर Report करें और उसके भारत वाले grievance officer को यही शिकायत भेजें। हर शिकायत का समय नोट करें; दो घंटे वहीं से गिने जाते हैं।
Google se gandi video kaise hataye: सर्च से हटाने का अनुरोध
Google की अलग नीति और फ़ॉर्म है: Google Search से निजी यौन कंटेंट हटाने का अनुरोध (Remove personal sexual content from Google Search)। यह बिना सहमति साझा की गई अंतरंग तस्वीरों और वीडियो पर लागू होता है, और उन नकली या AI से बनी अश्लील तस्वीरों पर भी जिनमें अनुरोध करने वाला दिखाया गया है। फ़ॉर्म में उन पेजों के URL दें जिन पर कंटेंट है, और जहाँ माँगा जाए वहाँ सर्च नतीजों के URL भी।
ध्यान रहे, de-indexing होस्ट से फ़ाइल नहीं हटाती। Google अनुरोध मान ले तो नतीजा सर्च में दिखना बंद होता है, पर वीडियो वेबसाइट पर तब तक रहता है जब तक होस्ट उसे न हटाए। इसलिए Google का अनुरोध होस्ट की शिकायतों के साथ दायर होता है, उनकी जगह नहीं। Google आम तौर पर कुछ दिन लेता है, और फ़ैसला उसकी नीति पर होता है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने Mrs X v. Union of India (फ़ैसला 26 अप्रैल 2023) में प्लेटफ़ॉर्म, सर्च इंजन और पुलिस को ऐसे कंटेंट पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। अगर फ़ोटो अंतरंग नहीं है, तो यह फ़ॉर्म लागू नहीं होता; Google का Results about you टूल फ़ोन नंबर, पता या ईमेल जैसी जानकारी के लिए है, तस्वीरों के लिए नहीं। आम फ़ोटो पहले उस वेबसाइट से हटवानी होती है जहाँ वह छपी है।
Cyber crime complaint kaise kare: cybercrime.gov.in, 1930 और Zero FIR
cybercrime.gov.in, यानी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, पर महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की अलग श्रेणी है, जिसमें पहचान बताए बिना शिकायत का विकल्प भी है। हेल्पलाइन 1930 है। शिकायत में URL, स्क्रीनशॉट, अपलोड करने वाले का handle, और धमकी या पैसे की माँग हो तो उसके मैसेज और भुगतान का ब्योरा दें, और मिला हुआ शिकायत नंबर सँभालकर रखें।
आप किसी भी थाने में भी जा सकते हैं। BNSS 2023 की धारा 173(1) के तहत संज्ञेय अपराध की सूचना किसी भी थाने में दी जा सकती है, चाहे अपराध कहीं भी हुआ हो; इसे Zero FIR कहते हैं। इलेक्ट्रॉनिक सूचना, सूचना देने वाले के तीन दिन में हस्ताक्षर करने पर रिकॉर्ड पर ली जाती है। IT Act की धारा 66E, 67 और 67A के अपराध संज्ञेय हैं।
यह शिकायत पीड़ित खुद दर्ज करता है; RepuLex FIR दर्ज नहीं करता, पर सबूत क्रम से तैयार करने में मदद करता है। पुलिस का काम अपलोड करने वाले की जाँच है; प्लेटफ़ॉर्म से हटवाने के लिए हर प्लेटफ़ॉर्म पर अलग शिकायत चाहिए, इसलिए दोनों उसी दिन साथ चलते हैं।
MeitY के 11 नवंबर 2025 के NCII SOP में, जो मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप जारी हुआ, पीड़ित के लिए यही रास्ते हैं: One Stop Centre, प्लेटफ़ॉर्म का grievance officer या report बटन, cybercrime.gov.in या 1930, Grievance Appellate Committee और स्थानीय पुलिस। SOP बड़े प्लेटफ़ॉर्म से hash और crawler तकनीक, hash को Sahyog पोर्टल से I4C के साथ साझा करने, और सर्च इंजनों से de-indexing की अपेक्षा करता है।
Sextortion kya hai, aur blackmail ho to kya kare
Sextortion का मतलब है किसी की अंतरंग फ़ोटो या वीडियो, असली या morph की हुई, सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे या और तस्वीरें माँगना। अक्सर यह वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग या किसी रिश्ते में भेजी गई तस्वीर से शुरू होता है। BNS 2023 की धारा 308 के तहत प्रतिष्ठा को चोट का डर दिखाकर पैसे या संपत्ति लेना जबरन वसूली है; धारा 308(2) में सात साल तक की क़ैद, या जुर्माना, या दोनों।
धमकी अपने आप में अपराध है: धारा 351 आपराधिक धमकी है, किसी महिला पर अनैतिकता (unchastity) का आरोप लगाने की धमकी पर धारा 351(3) में सात साल तक, और गुमनाम धमकी पर धारा 351(4) में दो साल तक अतिरिक्त। पैसे न दें, कुछ और न भेजें। मैसेज, प्रोफ़ाइल, पैसे की माँग और UPI या बैंक ब्योरा तारीख के साथ सहेजें, cybercrime.gov.in या 1930 पर रिपोर्ट करें, और उस अकाउंट को उसी दिन प्लेटफ़ॉर्म पर रिपोर्ट करें।
अगर अभी कुछ पोस्ट नहीं हुआ और आपकी उम्र 18 साल या उससे ज़्यादा है, तो StopNCII पर धमकी वाली तस्वीरों का hash बनाएँ, ताकि पार्टनर प्लेटफ़ॉर्म अपलोड होते ही उन्हें पहचान सकें। कुछ पोस्ट हो चुका है तो ऊपर के दो घंटे वाले रास्ते तुरंत लागू होते हैं। धमकी पाने वाला 18 साल से कम का है, तो मामला सीधे पुलिस और cybercrime.gov.in का है।
StopNCII kya hai, aur video viral hone se kaise roke
StopNCII.org ब्रिटेन की चैरिटी SWGfL की Revenge Porn Helpline चलाती है। यह उनके लिए है जिनकी उम्र अभी 18 साल या अधिक है और तस्वीर लेते समय भी थी। अकाउंट नहीं बनता: आप अपने फ़ोन या कंप्यूटर पर फ़ाइल चुनते हैं, वहीं उसका hash (डिजिटल फ़िंगरप्रिंट) बनता है, और केवल hash साझा होता है; फ़ाइल डिवाइस से बाहर नहीं जाती। केस नंबर और पासवर्ड से Check Case Status पेज पर स्थिति दिखती है; कोई फ़ोन लाइन नहीं है।
Hash StopNCII के पार्टनर प्लेटफ़ॉर्म तक जाता है, जैसे Facebook, Instagram, Threads, X, TikTok, Reddit, Snapchat, Bluesky, Microsoft (Bing), Pornhub और xVideos, जो मेल खाती फ़ाइल पहचानकर अपनी नीति के अनुसार रोक या हटा सकते हैं। Telegram, Google Search, YouTube और WhatsApp पार्टनर नहीं हैं, इसलिए वहाँ hash से कुछ नहीं रुकता। StopNCII खुद किसी वेबसाइट से पोस्ट नहीं हटाता, और 18 साल से कम उम्र वालों के लिए नहीं है।
वायरल होने से रोकने का तरीका है सार्वजनिक वितरण हटाना: चैनल, लिंक, होस्ट की गई फ़ाइलें और सर्च नतीजे। लीक हुई फ़ाइल कुछ दिनों में tube साइटों, file lockers और Telegram पर फैलती है, और अगर केवल वही कॉपी हटे जो आपने देखी, तो बाकी mirrors हफ़्ते भर में सर्च को फिर भर देते हैं। इसलिए पूरा फैलाव मैप करके सब पर एक साथ कार्रवाई होती है, फिर दोबारा अपलोड पर नज़र रखी जाती है।
जो नहीं हो सकता, वह भी साफ़ है। जो WhatsApp मैसेज पहले ही किसी के फ़ोन पर पहुँच चुका है, उसे कोई नहीं हटा सकता; जो कोई ऐसा वादा करे, वह सच नहीं बोल रहा। डाउनलोड की गई फ़ाइल भी वापस नहीं आती। RepuLex की सफलता दर 97% है, पर किसी मामले में नतीजे की गारंटी नहीं, और इस पेज की हर समय-सीमा आम तौर पर लगने वाला समय है, वादा नहीं।
RepuLex की सशुल्क सेवा: क्या करते हैं, कितना समय, क्या शर्तें
ऊपर के सभी रास्ते कोई भी दायर कर सकता है; यह पेज उन्हें इसीलिए पूरा बताता है। RepuLex की सशुल्क सेवा पहले दिन यही कदम उठाती है: हर पहचाने गए प्लेटफ़ॉर्म पर आपकी ओर से नियम 3(2)(b) की शिकायत, पोर्न साइटों के अनुरोध, Telegram का abuse desk और Google का अनुरोध। उसके बाद वह काम जो ये रास्ते अपने आप नहीं करते: अनदेखी कॉपियाँ खोजना, हर होस्ट को उसकी समय-सीमा पर रखना, चुप होस्ट को upstream provider तक ले जाना, और दोबारा अपलोड पर नज़र। StopNCII का hash आप अपने फ़ोन पर ही बनाते हैं; RepuLex आपकी फ़ाइल कभी नहीं माँगता।
जहाँ विदेशी होस्ट हर नोटिस अनदेखा करे, वहाँ वकील के हस्ताक्षर वाला नोटिस, अदालत का आदेश और भारत में उस URL की blocking का काम साझेदार लॉ फ़र्म Unified Chambers And Associates के advocates करते हैं। RepuLex एक ORM एजेंसी है, लॉ फ़र्म नहीं।
आम तौर पर समय: भारत के IT Rules से बँधे प्लेटफ़ॉर्म के लिए क़ानूनी सीमा दो घंटे; बड़ी adult साइटें आम तौर पर 24 से 48 घंटे; Telegram अपनी कोई समय-सीमा प्रकाशित नहीं करता; Google कुछ दिन; छोटे विदेशी होस्ट इससे ज़्यादा। RepuLex का अपना लक्ष्य है कि पहले 24 घंटे में हर पहचानी गई जगह पर शिकायत दर्ज हो जाए; यह लक्ष्य है, गारंटी नहीं। इस श्रेणी में बॉलीवुड और टॉलीवुड की जानी-मानी हस्तियों के मामले भी संभाले गए हैं, सब NDA के तहत, किसी का नाम बताए बिना।
यह सशुल्क सेवा है। फ़ीस प्रति लिंक नहीं, पूरा फैलाव मैप करने के बाद sweep के रूप में तय होती है, ताकि काम शुरू होने से पहले रकम पता हो। व्यक्तियों के लिए रियायती दरें हैं, और इस श्रेणी में कोई इमरजेंसी सरचार्ज नहीं। भुगतान पूरा अग्रिम होता है, और जो URL तय समय-सीमा में नहीं हटता उसकी फ़ीस पूरी वापस होती है, चाहे प्लेटफ़ॉर्म ने हटाने से मना किया हो। किसी भी केस पर बात से पहले NDA होता है।
18 साल से कम उम्र: मामला नहीं लिया जाता, सीधे पुलिस
अगर वीडियो या फ़ोटो में दिख रहा व्यक्ति 18 साल से कम उम्र का है, तस्वीर असली हो या morph की हुई, तो यह बाल यौन शोषण सामग्री है, प्रतिष्ठा का मामला नहीं। RepuLex ऐसा मामला सशुल्क काम के रूप में नहीं लेता, और उसे चुपचाप निपटाने का निर्देश स्वीकार नहीं करता।
सही रास्ता है तुरंत पुलिस, या cybercrime.gov.in पर महिलाओं और बच्चों वाली श्रेणी में शिकायत, या 1930 पर कॉल। IT Act की धारा 67B ऐसी सामग्री बनाने, इकट्ठा करने, डाउनलोड करने या फैलाने को दंडनीय बनाती है, और POCSO Act 2012 भी लागू होता है। RepuLex पुलिस तक शिकायत पहुँचाने में मदद करता है।
ऐसी फ़ाइल को सबूत के लिए भी सेव, डाउनलोड या फ़ॉरवर्ड न करें; पुलिस को केवल लिंक बताएँ। माता-पिता या अभिभावक बच्चे की ओर से शिकायत कर सकते हैं। StopNCII 18 साल से कम उम्र वालों के लिए नहीं है; यहाँ पुलिस ही पहला रास्ता है।
कहाँ है, कैसे हटता है, कितना समय
| कहाँ | कैसे हटता है | आम तौर पर समय |
|---|---|---|
| Pornhub और Aylo की दूसरी साइटें | साइट का non-consensual content हटाने का अनुरोध, हर URL, तारीख वाले स्क्रीनशॉट और यह लिखित बयान कि आपने सहमति नहीं दी; Pornhub StopNCII का पार्टनर है, इसलिए 18 साल या उससे ज़्यादा उम्र के व्यक्ति का बनाया hash दोबारा अपलोड रोकने में मदद करता है | सही तरीके से दायर होने पर आम तौर पर 24 से 48 घंटे |
| XVideos और XNXX | एक ही ऑपरेटर के content-removal और abuse रास्ते, उसी URL सूची और बयान के साथ; xVideos StopNCII का पार्टनर है | आम तौर पर 24 से 48 घंटे; जवाब न आए तो escalation |
| xHamster और छोटी tube साइटें | साइट का report-content रास्ता, फिर ऑपरेटर और उसके होस्ट को नोटिस; xHamster StopNCII की पार्टनर सूची में नहीं है, इसलिए वहाँ दोबारा अपलोड निगरानी से पकड़े जाते हैं | आम तौर पर 24 से 48 घंटे; छोटे होस्ट पर अलग-अलग |
| Telegram चैनल और ग्रुप | ऐप में Report, abuse@telegram.org पर लिंक, और Telegram के भारत के लिए दर्ज grievance officer को नियम 3(2)(b) की शिकायत; Telegram StopNCII का पार्टनर नहीं है | क़ानूनी सीमा दो घंटे; Telegram अपनी कोई समय-सीमा प्रकाशित नहीं करता। फ़ोन पर पहुँच चुकी फ़ाइल वापस नहीं आती |
| Instagram और Facebook | ऐप में बिना सहमति वाली निजी तस्वीर का Report, और Meta के भारत वाले grievance officer को नियम 3(2)(b) की शिकायत; दोनों StopNCII के पार्टनर हैं | क़ानून के अनुसार दो घंटे |
| YouTube (और X, Reddit) | Report, और भारत वाले grievance officer को नियम 3(2)(b) की शिकायत; X और Reddit StopNCII के पार्टनर हैं, YouTube नहीं | क़ानून के अनुसार दो घंटे |
| Google Search | Google Search से निजी यौन कंटेंट हटाने का अनुरोध, जो बिना सहमति वाली और नकली या AI से बनी अश्लील तस्वीरों पर लागू होता है; यह केवल सर्च से हटाता है, होस्ट से फ़ाइल नहीं | आम तौर पर कुछ दिन; होस्ट पर अलग कार्रवाई ज़रूरी |
| Mirror साइटें, file lockers, MMS aggregator | होस्ट और उसके upstream provider को नोटिस, और दोबारा अपलोड की निगरानी; विदेशी होस्ट मना करे तो साझेदार लॉ फ़र्म के ज़रिए अदालत का आदेश और blocking | सहयोग करने वाले होस्ट पर कुछ दिन; मना करने पर अदालत का रास्ता |
नियम 3(2)(b): जो कंटेंट किसी व्यक्ति का निजी अंग दिखाए, पूरी या आंशिक नग्नता या यौन कृत्य दिखाए, या इलेक्ट्रॉनिक रूप में उसकी नकल हो, जिसमें artificially morphed तस्वीरें शामिल हैं, उसे प्लेटफ़ॉर्म उस व्यक्ति या उसकी ओर से की गई शिकायत से दो घंटे में हटाए। यह G.S.R. 120(E) (अधिसूचना 10 फ़रवरी 2026, लागू 20 फ़रवरी 2026) से है; पहले यह सीमा 24 घंटे थी। नियम 3(1)(d): अदालत के आदेश या सरकार की तर्कसंगत सूचना पर तीन घंटे। नियम 3(2)(a)(i): दूसरी शिकायतें सात दिन में। grievance officer के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील Grievance Appellate Committee (www.gac.gov.in) में।
धारा 66E: निजता भंग करने वाली परिस्थितियों में बिना सहमति किसी के निजी अंग की तस्वीर लेना, प्रकाशित करना या भेजना; तीन साल तक की क़ैद, या ₹2 लाख तक जुर्माना, या दोनों। धारा 67 (अश्लील सामग्री): पहली बार तीन साल तक और ₹5 लाख तक जुर्माना। धारा 67A (यौन कृत्य वाली सामग्री): पहली बार पाँच साल तक और ₹10 लाख तक जुर्माना। धारा 67B (बच्चों से जुड़ी सामग्री): पहली बार पाँच साल तक और ₹10 लाख तक जुर्माना। पहली सज़ा की अवधि के हिसाब से, धारा 77B के तहत 66E और 67 संज्ञेय और ज़मानती हैं, 67A और 67B संज्ञेय और ग़ैर-ज़मानती।
धारा 77 (voyeurism): निजी कृत्य करती महिला की तस्वीर; Explanation 2 के अनुसार अगर उसने तस्वीर लेने की सहमति दी पर फैलाने की नहीं, तो फैलाना भी अपराध है; पहली बार एक से तीन साल और जुर्माना। धारा 308: प्रतिष्ठा को चोट का डर दिखाकर वसूली, धारा 308(2) में सात साल तक, या जुर्माना, या दोनों। धारा 351(3): किसी महिला पर अनैतिकता का आरोप लगाने की धमकी, सात साल तक। धारा 356: मानहानि, दो साल तक साधारण क़ैद, या जुर्माना, या दोनों, या सामुदायिक सेवा।
संज्ञेय अपराध की सूचना किसी भी थाने में दी जा सकती है, चाहे अपराध कहीं भी हुआ हो। इलेक्ट्रॉनिक रूप से दी गई सूचना तब रिकॉर्ड पर ली जाती है जब सूचना देने वाला तीन दिन में उस पर हस्ताक्षर कर दे। शिकायत पीड़ित या उसकी ओर से कोई व्यक्ति करता है; RepuLex FIR दर्ज नहीं करता।
MeitY का SOP मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों (WP 25017/2025) के अनुरूप जारी हुआ; उसमें One Stop Centre, grievance officer, cybercrime.gov.in या 1930, Grievance Appellate Committee और स्थानीय पुलिस के रास्ते हैं, और बड़े प्लेटफ़ॉर्म से hash और crawler तकनीक की अपेक्षा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने Mrs X v. Union of India, W.P.(Crl.) 1505/2021 (फ़ैसला 26 अप्रैल 2023) में प्लेटफ़ॉर्म, सर्च इंजन और पुलिस को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
ज़रूरी सवाल, सीधे जवाब
मेरा प्राइवेट वीडियो लीक हो गया है। सबसे पहले क्या करूँ?+
पहले हर URL और तारीख वाला स्क्रीनशॉट सुरक्षित करें, ताकि हटने के बाद भी सबूत रहे, और फ़ाइल किसी को न भेजें। फिर उसी दिन हर प्लेटफ़ॉर्म के grievance officer को IT Rules 2021 के नियम 3(2)(b) के तहत शिकायत दर्ज हो: प्लेटफ़ॉर्म को ऐसा कंटेंट शिकायत के दो घंटे के भीतर हटाना होता है (20 फ़रवरी 2026 से लागू संशोधन; पहले यह सीमा 24 घंटे थी)। साथ में पोर्न साइटों के हटाने वाले अनुरोध, Telegram का abuse desk और Google का अनुरोध भी दायर हों। कोई पैसे माँगे तो न दें। अगर वीडियो में दिख रहा व्यक्ति 18 साल से कम उम्र का है, तो सीधे पुलिस और cybercrime.gov.in पर जाएँ।
Google se apni photo kaise hataye?+
अगर फ़ोटो या वीडियो अंतरंग है, या नकली या AI से बनी अश्लील तस्वीर है जिसमें आपको दिखाया गया है, तो Google Search से निजी यौन कंटेंट हटाने वाले फ़ॉर्म से अनुरोध करें, उन पेजों के URL के साथ जिन पर वह है। यह केवल सर्च नतीजा हटाता है; फ़ाइल वेबसाइट पर तब तक रहती है जब तक होस्ट उसे न हटाए, इसलिए होस्ट पर शिकायत साथ-साथ चलनी चाहिए। Google आम तौर पर कुछ दिन लेता है और फ़ैसला उसकी नीति पर होता है। अगर फ़ोटो अंतरंग नहीं है, तो यह फ़ॉर्म लागू नहीं होता; तब पहले उस वेबसाइट से हटवाना होता है जहाँ फ़ोटो छपी है।
Telegram channel ki report kaise kare?+
पहले चैनल का t.me लिंक और हर पोस्ट का लिंक सहेज लें। फिर चैनल के नाम पर टैप करके Report चुनें, और हर पोस्ट को दबाकर रखें और Report करें; कारण में spam नहीं, यौन कंटेंट वाला विकल्प चुनें। इसके बाद abuse@telegram.org पर ये लिंक भेजें, और यही शिकायत नियम 3(2)(b) के तहत उस grievance officer को भेजें जिसे Telegram भारत के लिए अपने FAQ में दर्ज करता है। फ़ाइल अटैच न करें। Telegram StopNCII का पार्टनर नहीं है, इसलिए नया चैनल बने तो उसकी अलग रिपोर्ट करनी होती है।
Kya FIR ke bina shikayat ho sakti hai?+
हाँ। प्लेटफ़ॉर्म से हटवाने की कार्रवाई पीड़ित व्यक्ति की शिकायत, या उसकी ओर से की गई शिकायत, पर चलती है; इसके लिए FIR ज़रूरी नहीं, इसलिए काम उसी दिन शुरू हो सकता है। FIR या cybercrime.gov.in की शिकायत तब काम आती है जब अपलोड करने वाले या धमकी देने वाले पर कार्रवाई करनी हो, जैसे IT Act की धारा 66E और 67A, या BNS की धारा 77 और 308 के तहत। वह शिकायत आप खुद दर्ज करते हैं; RepuLex FIR दर्ज नहीं करता।
WhatsApp पर फैल रहा वीडियो क्या रोका जा सकता है?+
जो WhatsApp मैसेज पहले ही किसी के फ़ोन पर पहुँच चुका है, उसे कोई नहीं हटा सकता; जो कोई ऐसा वादा करे, वह सच नहीं बोल रहा। WhatsApp StopNCII का पार्टनर भी नहीं है। जो हटाया जा सकता है वह सार्वजनिक वितरण है: Telegram चैनल, वेबसाइटों पर होस्ट की गई फ़ाइलें, उनके लिंक और सर्च नतीजे। इन्हें हटाने से नई कॉपियाँ बनने के रास्ते बंद होते हैं। जिसने फ़ाइल आगे भेजी, उसके ख़िलाफ़ पुलिस शिकायत का रास्ता खुला रहता है।
Kitna kharch aata hai?+
यह सशुल्क सेवा है। फ़ीस पूरा फैलाव मैप करने के बाद एक sweep के रूप में तय होती है, प्रति लिंक नहीं, और काम शुरू होने से पहले बता दी जाती है। व्यक्तियों के लिए रियायती दरें उपलब्ध हैं; पूछें। इस श्रेणी में कोई इमरजेंसी सरचार्ज नहीं है। भुगतान अग्रिम होता है, और जो URL तय समय-सीमा में नहीं हटता उसकी फ़ीस पूरी वापस की जाती है, चाहे प्लेटफ़ॉर्म ने हटाने से मना किया हो।
Kya mera naam public hoga?+
हटाने की प्रक्रिया से आपका नाम सार्वजनिक नहीं होता। प्लेटफ़ॉर्म की शिकायतें सीधे उनके grievance officer और report टीम तक जाती हैं, और cybercrime.gov.in पर महिलाओं और बच्चों वाली श्रेणी में पहचान बताए बिना शिकायत का विकल्प है। RepuLex किसी भी केस पर बात से पहले NDA करता है और किसी क्लाइंट का नाम कभी नहीं बताता। अगर अदालत जाना पड़े, तो पहचान छिपाने का अनुरोध किया जा सकता है; दिल्ली हाई कोर्ट का 2023 का फ़ैसला भी Mrs X नाम से दर्ज है।
Blackmail ki online complaint kaise kare?+
cybercrime.gov.in पर महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की श्रेणी में शिकायत करें, या 1930 पर कॉल करें। शिकायत में धमकी वाले मैसेज, प्रोफ़ाइल का लिंक, पैसे की माँग और UPI या बैंक ब्योरे के स्क्रीनशॉट तारीख के साथ दें। अंतरंग तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे माँगना BNS की धारा 308 के तहत जबरन वसूली है, और धमकी धारा 351 के तहत आपराधिक धमकी है। पैसे न दें; इससे अगली माँग आती है। अगर आपकी उम्र 18 साल से कम है, तो माता-पिता के साथ सीधे पुलिस के पास जाएँ।
हटाने के बाद के सवालों के जवाब
यहाँ घड़ी सबसे ज़्यादा मायने रखती है।
URL WhatsApp पर भेजें। एक सीनियर केस मैनेजर गोपनीय रूप से जवाब देता है, बताता है कि क्या हट सकता है और कितनी जल्दी, और sweep का कोटेशन देता है, व्यक्तियों के लिए जहाँ लागू हो रियायती दर के साथ।